Author(s): जयवीर सिंह १, डॉ. देवी लाल२
सार:
आयुष्मान भारत योजना भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य पहल है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना है। इस योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाता है।
यह शोध-पत्र लखनऊ मंडल के संदर्भ में आयुष्मान भारत योजना के सामाजिक परिणामों का समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से मूल्यांकन करता है। अध्ययन में पाया गया कि योजना ने स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता में वृद्धि, आर्थिक बोझ में कमी तथा सामाजिक समानता को बढ़ावा दिया है।हालाँकि, जागरूकता की कमी, स्वास्थ्य अवसंरचना की सीमाएँ तथा प्रशासनिक चुनौतियाँ अभी भी प्रमुख बाधाएँ हैं। अध्ययन यह निष्कर्ष प्रस्तुत करता है कि यह योजना सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, परन्तु इसके प्रभाव को और सुदृढ़ करने हेतु सुधार आवश्यक हैं।
यह शोध-पत्र लखनऊ मंडल के विशेष संदर्भ में इस योजना के सामाजिक, आर्थिक तथा संस्थागत प्रभावों का समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से विश्लेषण करता है। अध्ययन में यह पाया गया कि योजना ने स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में वृद्धि, आर्थिक असुरक्षा में कमी तथा सामाजिक समानता को बढ़ावा दिया है।हालांकि, अवसंरचनात्मक कमी, जागरूकता का अभाव तथा प्रशासनिक चुनौतियाँ इसके प्रभाव को सीमित करती हैं। यह अध्ययन निष्कर्ष देता है कि योजना सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण है, परंतु इसके प्रभाव को अधिक व्यापक बनाने हेतु सुधारात्मक नीतियों की आवश्यकता है।
Keywords:
आयुष्मान भारत योजना, सामाजिक प्रभाव, स्वास्थ्य समानता, समाजशास्त्र, लखनऊ मंडल, सार्वजनिक स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय
DOI: 10.61165/sk.publisher.v13i4.3
Download Full Article from below:
आयुष्मान भारत योजना के सामाजिक परिणामों का मूल्यांकन: लखनऊ मंडल पर आधारित एक समाजशास्त्रीय अध्ययन
Pages:19-24
